मेरा गांव मेरा गर्व:-
▪️देश की सभी पंचायतों के लिए अब मास्टर प्लान बनाने की तैयारी की जा रही है । केंद्र सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार मास्टर प्लान ( महायोजना ) में पंचायत स्तरीय स्थानीय बुनियादी ढांचे, विकासात्मक आवश्यकताओं और रोजगार का बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
देश भर में २.५ लाख के करीब ग्राम पंचायत हैं जिनके अंतर्गत करीब ६ लाख गांव आते हैं। मास्टर प्लान एक वैधानिक योजना दस्तावेज है, जो निर्धारित नियोजन क्षेत्र के अंतर्गत भविष्य की सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए तैयार किया जाता है। मास्टर प्लान की वैधता एक विशिष्ट अवधि के लिए होती है और अवधि समाप्त होने के बाद इसमें संशोधन की आवश्यकता होती है ।
✍️ एक ग्राम पंचायत में क्या- क्या सुविधाएं होनी चाहिए और किस प्रकार इन सुविधाओं को जन- जन तक पहुंचाया जा सकता है?
1:- वर्तमान समय में बजट, किस योजना के लिए सरकार द्वारा गाँव के विकास हेतु दिया गया है इसका लेखाजोखा मासिक/त्रिमासिक या योजना समाप्ति के बाद पारदर्शी रूप से ग्राम पंचायत द्वारा गाँव के समक्ष रखा जाए ।
2:- सरकार द्वारा दिए गए धन से गाँव भरनाकलां गांव में कौन-कौनसे काम ५ वर्ष के अंतर्गत सरकार से प्राप्त धन के द्वारा किये जाने हैं उनका भी मास्टर प्लान सबके सामने रखा जाए l
3:- गांव में बिना टॉएलेट के एक भी घर अछूता नहीं हो ।
5:- अपने गांव भरनाकलां में प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कितने आदमी काम कर रहे हैं उन सभी मजदूरों के नाम की पारदर्शिता हो ।
6:- ग्राम भरनाकलां में दिव्यांगों, वृद्धावस्था और विधवा महिलाओं पैंशन की व्यवस्था हो।
7:- ग्राम भरनाकलां में सरकार द्वारा आवंटित धन से इंटर लॉकिंग सड़कों का निर्माण हर गली-मोहल्ले में किया जाये ।
8:- स्कूल-फ़ार्म की जगह का प्रयोग गाँव के बच्चों के लिए किया जाए जिसमें जिम, बैठने की सीट व पेड़-पौधे लगाये जायें ।
9:- श्मशानघाट की बाउंड्री वाले भूखंड के अतिरिक्त दूसरे भूखंड पर शांतिवन का निर्माण भी कराया जाए ।
10:- गांव के चारों दिशाओं में स्थित चारों तालाबों की खुदाई, सफ़ाई व बाउंड्रीवाल का निर्माण गांव विकास की प्राथमिकता में शामिल हो ।
11- ग्राम पंचायत भवन में साप्ताहिक मीटिंग की व्यवस्था हो।
12:- समय - समय पर जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटकीय मंचों का कार्यक्रम कराया जाये ।
12- राशन-वितरण प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से सभी लोगों में बिना किसी भेदभाव के बांटा जाये।
13:- एक सार्वजनिक कंप्यूटर प्रयोगशाला व पुस्तकालय, मिनी संग्रहालय की व्यवस्था सम्पूर्ण ग्रामवासियों के ललिए शुरु की जाए ।
14:- ग्रामवासियों के लिए परिक्रमा मार्ग को सीसी रोड व रात्रि प्रकाश के लिए हर लट्ठे पर स्ट्रीटलाइट का इंतजाम करवाया जाए ।
15:- गांव में एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था भी हो।
16:- सरकारी ग्राम्य अस्पताल में नियमित डॉक्टरों की उपलब्धता हो ।
17:- किसान भाइयों के लिए फसल हेतु बीज, खाद व कीटनाशक खरीददारी हेतु गांव स्थित सरकारी भवन "खाद व बीज भण्डार गृह" पर ही उपलब्ध हो।
18:- पर्वानुसार बसों के माध्यम से बड़े है बुजुर्गों अथवा भक्तों के तीर्थदर्शन की भी व्यवस्था हो सकती है।
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👉गांव का जीवन शहरों से ज़्यादा मधुरमय होता है, पांच कारक जो कि महत्वपूर्ण हैं- स्वास्थ्य , शिक्षा, पेयजल, आवास तथा सड़कें। गांव सभी के लिए शांति, प्राकृतिक सौंदर्यता का एक ऐसा स्थान है जहां हर कोई अपने जीवन की सादगी और प्यार भरे रिश्तों का अनुभव कर सकता है। गांव के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साझेदार बनते हैं, जिससे दिलों में अपनापन बढ़ता है। प्रदूषण का स्तर कम होने तथा हानिकारक गैसों का उत्सर्जन न होने के कारण हवा शुद्ध और ताज़ा रहती है ।
गाँवों में रहने वाले लोग ज़्यादातर अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए खेतों में जाते हैं , वे आम तौर पर मेहनती होते हैं और उनका दिन शहरों या कस्बों में रहने वाले ज़्यादातर लोगों की तुलना में बहुत जल्दी शुरू होता है। वे पूरे दिन खेतों में कड़ी मेहनत करते हैं । गांव के लोगों के जीवन यापन का मुख्य आधार कृषि ही है, लेकिन अब परिवार के लड़के नौकरी व्यवसाय आदि भी करते हैं जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हो रही है।
साभार - ओमप्रकाश शर्मा, भरनाकलां
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