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Thursday, January 16, 2020

भरनाकलां गांव की गम्भीर समस्या का समाधान के लिए सब ग्रामवासी एकजुट हों







एक समय था कि अन्य पास के गांवों में कच्चे रास्ते हुआ करते थे लेकिन हमारे समाज के गांवों में पक्की ईंटो के खड़ंजे थे लेकिन पिछली 2-3 पंचवर्षीयों से उन गांवों के सभी रास्ते सीमेंट ईंटों या सीसी से बन गए और हमारे का गांव के विकास का वही *ओल्ड वर्जन*। आज उन गांवों की विजिट करने के बाद आप खुद को शर्मिंदा महसूस करेंगे । इस विकास की रफ्तार को रोकने में आप (ग्रामवासी) सबसे ज्यादा मददगार हैं क्योंकि आप किसी विरोधाभास ही देखने को नहीं मिलता  है लेकिन अगर कोई विरोधाभास करे तो उनको दबाने की कोशिश की जाती है । भाई ये गांव आपकी अमानत है इसके रिमोट को उन चंद लोगों के हाथ में ना जाने दें जो विकास की इस ट्रांसपरेंसी को धुंधलाने की कोशिश करते हैं । इस मुहिम को *भरनाकलां पुनर्जागरण* की तरह लें और आपकी निश्चय ही आपकी यह भागीदारी इसे नई ऊंचाईयों तक पहुँचाने के लिए पंख लगाने का काम करेगी ।


भरनाकलां गाँव की इस सच्चाई से आप वाकिफ हैं कि हमारे गाँव मे अब तक पानी निकास, पक्के रास्ते तक ठीक नहीं हैं। गांववासी इन रास्तों से पैदल ठीक से चल भी नहीं पाते। गाँव में "गाँव प्रधान" का चुनाव होना ना होना, ना के बराबर है क्योंकि चुनाव विकास के लिए कोई नहीं लड़ता बस सभी को अपनी जेब भरनी होती है। गाँववासियों को चुनाव के समय cold drink, पकोडे, शराब ,चुनाव से पहले एक भंडारा और चुनाव जीतने के बाद एक और भंडारा चाइये होता है बस । गाँव के विकास की कोई सोचता तक ही नही है । सोच बदल लो अब भंडारा, भंडारे के समय शोभनीयहै । सरपंच/ प्रधान गाँव के विकास करने के लिए होता है ना की भंडारे करने के लिए । गाँवप्रधान कोई भी जाति का हो उसे एक ही शर्त पर चुनो जो गाँव की जरुरतों को पूरा कर सके । गांव प्रधान चुनावों में " भी ये घोषणा पत्र में शामिल था लेकिन अब ये कहकर  नकार दिया जाता है की ये "सांसद निधि " के अन्तर्गत आता है |


माननीय  विधायक मंत्री जी को छाता-गोवर्धन रोड से "भरनाकलां , डिरावली" होकर जाने वाला गोवर्धन-बरसाना लिंक रोड का निर्माण सं २००२ में हुआ, उसके बाद रोड के ऊपर कोई काम नहीं हुआ,ये उन्हें जाकर बताएं |
18 साल से इस पर कोई मरम्मत का काम नही हुआ और न ही पुनर्निर्माण । इस बार 'जनता ने विकास' की उम्मीद पर  आपको चुना है ।                   


गांव की इस गम्भीर समस्या का समाधान हम सभी मिलकर ही कर सकते हैं । आरोप-प्रत्यारोप, थोकवाईज, तेरा-मेरा के चक्कर में नही पड़ना है । ये सच्चाई है कि गाँव के इस रास्ते की स्थिति खराब है हम वास्तविकता से नहीं भाग सकते ।  इसलिए सब अपने ईगो आदि को छोड़कर इन समस्याओं के समाधान का हल निकालने की कोशिश करेंगे तो निश्चित रूप से उन रास्तों से गुजरने वालों की दुआएं हमेशा आपके साथ रहेंगी । अगली पीढ़ी के साथ छलावा न करें नहीं तो ये तुम्हें आने वाले समय में ठगा सा महसूस होने का पूरा अवसर देंगे ।
 इस काम में कम से कम उन सभी लोगों को जोड़िये जो *नॉन रेजीडेंट भरनाकलां* हैं जो अपनी जन्मभूमि को छोड़कर रह रहे हैं उनको अपने गाँव की मिट्टी की खुशबू को उन्हें सुंघाते रहिये और उनको अहसास दिलाते रहिये कि *गाँववाद* सभी ग्रामवाशिन्दों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना एक देशभक्त के लिये *राष्ट्रवाद* आप भी गाँव का हिस्सा हैं जब कोई सफलता, खुशी, करनी-कर्तव्य आदि करते हैं तो सब गांव की तरफ भागते हैं यहाँ तक कि कोई मुशीबत भी होती है तब भी वही भाईचारे वाले ही काम आते हैं । इसलिए आप सब अच्छी जगहों पर रहते हैं थोड़ा ख्याल उनका भी रखें जो हमारे गाँव पहुँचने का इंतज़ार करते हैं और हमें ये बात अवश्य अपने जहन में रखनी चाहिए कि उन ग्रामवासी(घर वालों) की वजह से आप इन महानगरों में रह रहे हैं । चलो हम सब आशा करते  हैं कि इस मुहिम को कुछ हद तक एक अच्छाई की दिशा में परिवर्तित करने का काम करेंगे ।

ओमन सौभरि भुर्रक, भरनाकलां



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