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Tuesday, October 22, 2019

जन वितरण प्रणाली (कोटा ) क्या है ?


भारत के गांव और शहरों में कम कीमत में राशन देना यह जन वितरण प्रणाली का काम है। इसमें आपको चावल ,गेहूँ ,चीनी , नमक, केरोसिन तेल आदि जैसी वस्तुएं कम कीमत में मिलती है। जन वितरण प्रणाली सरकार के द्वारा चलाई गयी योजना है जो की वर्षों से भारत के लोगों को सेवा प्रदान कर रही है।
इसमें हरेक गांव /वार्ड में राशन का दुकान खोला जाता है -जिसका नाम कोटा रखा जाता है और दुकानदार को डीलर के नाम से जाना जाता है। हर एक कोटा डीलर का अपना एक लाइसेंस नंबर होता है ,जिससे की वह राशन उठा और बेच पाता है।

जन वितरण प्रणाली का भाव

जैसा की मैंने पहले ही बता दिया है कि इसकी सामान की भाव बोहोत ही कम है। जिसकी जानकारी नीचे दी गयी है।
चावल - Rs 1 /kg
गेहूँ    - Rs 1 /kg
नमक- Rs 1 /kg
चीनी - Rs 24 /kg
केरोसिन तेल - Rs 29.35/lt
आदि ।

जन वितरण प्रणाली का लाभ कौन उठा सकते है?

ऐसा व्यक्ति जो भारत का नागरिक हो और सरकारी कर्मचारी ना हो। तो वह जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत सामान खरीद सकता है। जिसके लिए आपको लाल कार्ड ,पीला कार्ड बनवाना पड़ता है।

जन भंडार वितरण प्रणाली दुकान कैसे चलती है?

सबसे पहले दुकानदार को महीने में आवंटन (allotment ) आता है कि आपको इस महीने इतना सामान भंडार से उठाना है। दुकानदार उन सामानों का draft बनाता है और उसे भंडारे से खरीद लाता है और फिर वह उस सामान को लोगों में वितरण कर देता है। यह वितरण, मशीन के द्वारा होती है ,लोगों को राशन खरीदने के लिए अपना अंगूठा मशीन में लगाना पड़ता है उसके बाद ही वह राशन ले पाता है। दुकानदार अपने register में कार्ड नंबर और राशन की मात्रा लिखता है ।

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