ग्राम सभा
किसी गांव के कुल व्यक्तियों की संख्या जिनका नाम वोटर लिस्ट में सम्मिलित हो | इन व्यक्तियों के समूह को ग्राम सभा कहा जाता है | एक ग्राम सभा में 200 या इससे अधिक व्यक्तियों का होना आवश्यक है ।
ग्राम प्रधान
एक ग्राम सभा में एक अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है, जिसे ग्राम प्रधान, सरपंच अथवा मुखिया के नाम से जाना जाता है ।
वेतन (Salary)
उत्तर प्रदेश राज्य में ग्राम प्रधान का वेतन 3500 रूपये है, इसके अतिरिक्त उन्हें यात्रा भत्ता एवं अन्य खर्चों के रूप में 15000 रूपये प्रति माह प्राप्त होते है |
ग्राम पंचायत का गठन व चुनाव
ग्राम सभा के कुल सदस्यों के द्वारा एक अध्यक्ष या प्रधान और अन्य सदस्यों को निर्वाचित किया जाता है, इन अध्यक्ष या प्रधान और अन्य सदस्यों को ग्राम पंचायत कहते है, इसका कार्यकाल 5 वर्ष होता है ।
चुनाव कैसे होता है (Election Kaise Hota Hai)
गावं में प्रत्येक पांच वर्ष के बाद ग्राम प्रधान का चुनाव कराया जाता है, राज्य सरकार के द्वारा इसके लिए निर्वाचन आयोग को स्वीकृति प्रदान की जाती है, इसके बाद निर्वाचन आयोग के द्वारा अधिसूचना जारी की जाती है, अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता को लागू कर दिया जाता है। अब जो व्यक्ति ग्राम प्रधान या सदस्य के पद पर चुनाव लड़ना चाहता है, उसको एक निर्धारित समय अवधि के अंदर पर्चा दाखिल या आवेदन पत्र को जिले के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होता है । इसके बाद निर्वाचन कार्यालय के द्वारा प्रत्येक आवेदन कर्ता को एक चुनाव चिन्ह प्रदान किया जाता है ।
अब सभी प्रत्याशी के द्वारा चुनाव प्रचार किया जाता है, यह चुनाव प्रचार निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किया जाता है । इसके बाद निर्धारित तिथि को मतदान कराया जाता है, मतदान के पश्चात मतगणना की जाती है, जिस प्रत्याशी को अधिक मत प्राप्त होते है, उसे ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित किया जाता है | निर्वाचित सदस्य को निर्वाचन अधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है ।
ग्राम पंचायत को शपथ (Gram Panchayat Sapath)
चुनाव जीतने के बाद ग्राम प्रधान और सभी सदस्यों को पीठासीन अधिकारी या ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा शपथ ग्रहण कराई जाती है ।
ग्राम प्रधान के अधिकार (Gram Pradhan Ke Adhikar)
- उत्तर प्रदेश में पंचायती राज एक्ट के अनुसार विकास की कार्य योजना तैयार करने के लिए हर ग्राम पंचायत में 6 समितियां गठित की जाती है, इन समिति में प्रशासनिक कार्य समिति, नियोजन कार्य समिति, निर्माण कार्य समिति, जल प्रबंधन समिति, चिकित्सा स्वास्थ्य समिति, शिक्षा समिति है | परन्तु वास्तविक रूप इन सभी का कार्य ग्राम प्रधान के द्वारा कराया जाता है ।
- एक ग्राम प्रधान के रूप में वह ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत की बैठक बुलाता है तथा इसकी कार्यवाही को नियंत्रित करता है ।
- ग्राम पंचायतों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित विकास योजनाओं, निर्माण कार्य व अन्य कार्यक्रमों की जानकारी रखना तथा सम्बंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेकर ग्रामवासियों को बताना जिनसे वह इसका लाभ प्राप्त कर सके ।
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